शिमला , मई 26 -- हिमाचल प्रदेश सरकार ने शीर्ष प्रशासनिक पद पर बने रहने को लेकर जारी न्यायिक जांच के बीच, मंगलवार को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता को राज्य का नियमित मुख्य सचिव नियुक्त किया। यह नियुक्ति उनकी 31 मई को निर्धारित सेवानिवृत्ति से महज पांच दिन पहले की गयी है।

कार्मिक विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने जनहित में 1988 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी संजय गुप्ता की मुख्य सचिव के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी।

श्री गुप्ता इस नियुक्ति से पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव (नगर एवं ग्राम नियोजन और आवास) के रूप में कार्यरत थे। वह 1 अक्टूबर 2025 से मुख्य सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे।

कार्यकारी मुख्य सचिव के रूप में श्री गुप्ता के बने रहने को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका 'तिलक राज बनाम राज्य सरकार', वर्तमान में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है।

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने इससे पहले 19 मई को राज्य सरकार और श्री गुप्ता को पद के लिए उनकी उपयुक्तता से जुड़े आरोपों और "संस्थागत ईमानदारी" से संबंधित मुद्दों पर नोटिस जारी किये थे। रिपोर्ट के अनुसार, याचिका में मुख्य सचिव के पद पर नियुक्तियों के लिए ईमानदारी के मानकों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों का हवाला देते हुये लंबित प्राथमिकी और सतर्कता से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया था।

इस मामले में सुनवाई के लिए 21 जुलाई की तारीख तय की गयी है। हालांकि, श्री गुप्ता ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि नौकरशाही के भीतर कुछ धड़े उनकी छवि खराब करने और सेवा विस्तार की संभावना में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं।

इस ताजा नियुक्ति ने इन अटकलों को और हवा दे दी है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार श्री गुप्ता को सेवानिवृत्ति के बाद सेवा विस्तार देने पर विचार कर सकती है। चूंकि उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति 31 मई को रविवार के दिन पड़ रही है, इसलिए उनके 30 मई को सेवानिवृत्त हो जाने की उम्मीद है।

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