शिमला , अक्टूबर 15 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को स्पीति घाटी के रंगरिक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नया कन्या छात्रावास बनाने के लिए दो करोड़ रुपये देने और गांव के स्वास्थ्य उपकेंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में उन्नत करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के तहत रंगरिक का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दूरदराज के इस गांव में रात बिताई और स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने मंजुश्री में लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में उनके दौरे और रात में ठहरने का उद्देश्य स्थानीय लोगों की कठिनाइयों की प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करना और उनकी जरूरतों को समझना है। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार राज्य के बजट में योजनाओं को शामिल कर रही है।उन्होंने 'सरकार गांव के द्वार' को राज्य सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम बताते हुए कहा कि जनता की शिकायतों का समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले भी कई दूर-दराज के इलाकों का दौरा किया है, वहां के लोगों से सीधे बातचीत की है और उनकी उठाई गयी दिक्कतों को दूर करने के लिए कदम उठाए हैं। वह रंगरिक में सोनम फुंसुक के घर पर रुके। वहां के लोगों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और उन्हें लोकल खाना परोसा। उन्होंने सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बालिकाओं के छात्रावास का भी औचक निरीक्षण किया और वहां रहने वाली छात्राओं से बातचीत की। बेहतर रहने की उनकी मांग पर, उन्होंने एक नया छात्रावास बनाने के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
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