ऊना , सितंबर 16 -- हिमाचल प्रदेश को नशे से मुक्त करने और 'चिट्टा' (सिंथेटिक ड्रग्स) के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला मुख्यालय ऊना में 'एंटी-चिट्टा जन आंदोलन' का विशाल आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में आयोजित इस जन-जागरूकता अभियान में युवाओं, महिलाओं और बच्चों सहित लगभग 40,000 लोगों ने हिस्सा लिया।

इंदिरा गांधी खेल स्टेडियम से शुरू हुई यह पदयात्रा न्यू बस स्टैंड से होते हुए वापस स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई। आयोजन के दौरान स्कूली विद्यार्थियों और युवाओं ने 'नशा विरोधी' संदेशों वाली तख्तियां थाम रखी थीं। पुलिस बैंड 'हार्मनी ऑफ द पाइन' की प्रस्तुतियों और नशे के खिलाफ नारेबाजी ने कार्यक्रम को नई ऊर्जा प्रदान की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू ने उपस्थित जनसमूह को 'एंटी-चिट्टा' शपथ दिलाई। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि हिमाचल प्रदेश में नशे का अवैध कारोबार करने वालों और युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस और सरकार अपना काम कर रही है, लेकिन समाज, शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग के बिना इस सामाजिक बुराई को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता।

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