नयी दिल्ली , अप्रैल 27 -- अमेरिका ने कहा है कि वह हिन्द प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि को बढ़ावा देने में भारत को महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में महत्व देता है।

अमेरिका की पैसिफिक वायु सेना के कमांडर जनरल केविन श्नाइडर ने करीब एक सप्ताह तक यहां वरिष्ठ रक्षा और सैन्य नेतृत्व के साथ चर्चा की। इस दौरान सामरिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने और सुरक्षित एवं स्थिर हिन्द प्रशांत क्षेत्र के लिए साझा दृष्टि को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।

यहां अमेरिकी दूतावास ने सोमवार को बताया कि इस दौरान जनरल श्नाइडर ने भारतीय वायु सेना के समकक्ष अधिकारियों सहित भारत के वरिष्ठ रक्षा नेतृत्व के साथ चर्चा की, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक सैन्य संबंधों को मजबूत करना और परिचालन सहयोग के विस्तार के अवसरों का पता लगाना था। इन बैठकों ने वायु, थल, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्रों में द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के बढ़ते दायरे, जटिलता और पारस्परिक संचालन क्षमता को उजागर किया।

बयान में कहा गया है कि अमेरिका और भारत साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में पारस्परिक हितों पर आधारित एक मजबूत रक्षा साझेदारी की दिशा में काम कर रहा है। हाल के वर्षों में, दोनों पक्षों ने संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान का विस्तार किया है, जिससे विभिन्न परिस्थितियों में प्रभावी रूप से साथ काम करने की उनकी क्षमता बढ़ी है।

दौरे का एक प्रमुख केंद्र बिंदु दोनों देशों के बीच लॉजिस्टिक सहयोग को आगे बढ़ाना था। बयान में कहा गया कि सुदृढ़ लॉजिस्टिक ढांचे और समझौते अधिक सुगम समन्वय को सक्षम करेंगे, तत्परता में सुधार करेंगे और मानवीय संकटों तथा क्षेत्रीय आकस्मिक स्थितियों के प्रति त्वरित, समन्वित प्रतिक्रिया को मजबूत बनायेंगे।

जनरल श्नाइडर ने परिचालन और प्रशिक्षण सुविधाओं का भी दौरा किया, जो अमेरिकी और भारतीय बलों के बीच बढ़ते एकीकरण और विश्वास को दर्शाता है। इन अंतःक्रियाओं ने क्षमताओं के आधुनिकीकरण और उभरती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारियों को सुनिश्चित करने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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