बेरुत , अगस्त 29 -- हिज्बुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने शुक्रवार को इज़राइल और लेबनान के बीच हुए ढांचे के समझौते को एक बार फिर खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान समर्थित यह संगठन न तो आत्मसमर्पण करेगा और न ही अपने हथियारों को सौंपने से जुड़ी किसी शर्त को स्वीकार करेगा। यह बयान इजरायल के साथ हालिया युद्ध शुरू होने के लगभग छह महीने बाद आया है।
हिज्बुल्लाह के अल-मन्नार टेलीविजन पर प्रसारित अपने वीडियो संदेश में कासिम ने कहा कि उनका संगठन इस ढांचे के समझौते के पूरी तरह खिलाफ है और इसे रद्द करने की मांग करता है। उल्लेखनीय है कि 2 मार्च को हिज्बुल्लाह द्वारा इजरायल पर किये गये हमले के बाद शुरू हुए संघर्ष के बाद अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत शुरू हुई थी। इस युद्ध और उसके बाद इजरायली सैन्य कार्रवाई में लेबनानी अधिकारियों के अनुसार 4,300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
जून के अंत में हुई बातचीत के दौरान इजराइल और लेबनान ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किये थे, जिसमें हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने, दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की चरणबद्ध वापसी और शुरुआती 'पायलट ज़ोन' के माध्यम से लेबनानी सेना की तैनाती की बात कही गयी थी। कासिम ने इस व्यवस्था को गैर-कानूनी और लेबनान की संप्रभुता के लिए अपमानजनक व विनाशकारी करार दिया है।
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