पटना , फरवरी 17 -- बिहार में हिंसा से पीड़ित महिलाओं को त्वरित और समेकित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार वन स्टॉप सेंटर नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है।
समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से राज्यभर में 26 नये वन स्टॉप सेंटरों का निर्माण कराया जा रहा है। इनके पूरा होते ही राज्य में ऐसे केंद्रों की संख्या 39 से बढ़कर 65 हो जायेगी।
वर्तमान में सभी जिलों में एक-एक और पटना में दो वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। प्रत्येक केंद्र में 13 प्रशिक्षित कर्मियों की टीम पीड़िताओं को आश्रय, चिकित्सकीय सहायता, भोजन, कपड़े, मनो-सामाजिक और कानूनी परामर्श समेत आवश्यक सहयोग प्रदान कर रही है। नये केंद्र जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर अनुमंडल मुख्यालयों पर स्थापित किये जा रहे हैं, जिससे दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलायें भी आसानी से सेवायें प्राप्त कर सकें।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में इन केंद्रों पर कुल 23,585 मामले दर्ज हुये, जिनमें 20,000 से अधिक का सफल निपटारा किया गया। वित्तीय वर्ष 2023- 24 में 7,517 में से 6,599, वर्ष 2024- 25 में 8,888 में से 7,185 और 2025- 26 में जनवरी तक 7,180 में से 6,322 मामलों का समाधान किया जा चुका है।
पीड़ित महिलायें सहायता के लिये हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क कर सकती हैं। त्वरित प्रतिक्रिया के लिये वन स्टॉप सेंटरों को आपातकालीन सेवा नंबर 112 से भी जोड़ा गया है। साथ ही, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये उन्हें कौशल प्रशिक्षण योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
वन स्टॉप सेंटर एकीकृत सहायता मंच के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहां समस्या समाधान के बाद भी कम से कम छह माह तक पीड़िता की स्थिति की निगरानी की जाती है। जिला स्तर पर इन केंद्रों की समीक्षा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा, जबकि निगम स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा के माध्यम से की जा रही है।
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