नयी दिल्ली , मई 29 -- भारतीय जनमानस की चेतना, राष्ट्रबोध और सामाजिक जागरण की वाहक हिन्दी पत्रकारिता अपनी दो सौ वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा का उत्सव मनाने जा रही है और इस गौरवपूर्ण अवसर पर इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए), नयी दिल्ली तथा माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में "हिन्दी पत्रकारिता द्विशताब्दी महोत्सव" का यहां शनिवार एवं रविवार को आयोजन किया जायेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ यहां आईजीएनसीए परिसर के समवेत सभागार में 30 मई को अपरान्ह 4.00 बजे होगा। इस आयोजन में 'स्मारक डाक टिकट एवं प्रथम दिवस आवरण' का लोकार्पण होगा। 'हिन्दी पत्रकारिताः 200 साल की महागाथा' स्मारक ग्रंथ का विमोचन किया जाएगा और हिन्दी पत्रकारिता की दो शताब्दी की गौरवशाली यात्रा के अग्रणी समाचारपत्रों एवं पत्रिकाओं तथा युग निर्माता संपादकों के चित्रों की प्रदर्शनी लगायी जाएगी।

हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी राष्ट्रीय महोत्सव के मुख्य अतिथि संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया स्मारक डाक टिकट तथा प्रथम दिवस आवरण का लोकार्पण करेंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव स्मारक ग्रंथ का विमोचन करेंगे। स्मारक ग्रंथ का सम्पादन विजयदत्त श्रीधर एवं डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने किया है। इस अवसर पर, डॉ. श्रीकांत सिंह की पुस्तक 'हिन्दी पत्रकारिता के हिन्दीतर उन्नायक' का भी विमोचन होगा। महोत्सव के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय हिंदी पत्रकारिता के भूत-वर्तमान-भविष्य की व्याख्या अपने बीज वक्तव्य में करेंगे।

इकतीस मई को विमर्श के दो सत्र रखे गये हैं।

महोत्सव में दिल्ली स्थित पत्रकारिता एवं जनसंचार विषयक संस्थानों के प्राध्यापक, शोध छात्र एवं विद्यार्थी तथा हिन्दी पत्रकारिता में रुचि रखने वाले पत्रकार, साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं सामाजिक सरोकारों से प्रतिबद्ध कार्यकर्ता सहभागिता करेंगे। हिन्दी पत्रकारिता की आदि प्रतिज्ञा 'हिन्दुस्तानियों के हित के हेतु' की भावना को केन्द्र में रखकर आयोजित यह द्विदिवसीय महोत्सव अतीत की गौरवगाथा, वर्तमान की प्रासंगिकता और भविष्य की संभावनाओं को एक साथ समेटेगा।

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