नयी दिल्ली , सितंबर 14 -- वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हिंदी को भारत की पहचान और करोड़ों लोगों के बीच जुड़ाव का माध्यम बताते हुए कहा कि हिंदी का भविष्य बेहद उज्ज्वल है और इसकी सरलता एवं सहजता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

श्री अग्रवाल ने सोमवार को हिंदी दिवस पर अपने संदेश में कहा कि हिंदी के शब्दों में ''मां जैसा अपनापन'' है। उन्होंने कहा कि आज करीब 60 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि यह केवल एक भाषा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के दिलों और उनकी पहचान से जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं की पहुंच अब डिजिटल दुनिया में भी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि 2024 में 87 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने भारतीय भाषाओं में सामग्री का इस्तेमाल किया, जो दर्शाता है कि हिंदी और अन्य भारतीय भाषाएं केवल हमारी विरासत का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि भारत के डिजिटल भविष्य की भाषाएं भी हैं।

उन्होंने हिंदी पट्टी के युवाओं की क्षमता पर विश्वास जताते हुए कहा कि आज का युवा हिंदी के दम पर दुनिया से प्रतिस्पर्धा करने के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया का नेतृत्व करने के लिए भी तैयार है।

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