कोलकाता , मई 05 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद मुख्यमंत्री पद से ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कहा है कि इस मुद्दे का समाधान संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार होना चाहिए।
भाजपा नेताओं ने सुश्री बनर्जी के भवानीपुर सीट से पराजित होने के बाद पद पर बने रहने को लेकर सवाल उठाए हैं और इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध बताया है।
भवानीपुर में सुश्री बनर्जी को हराने वाले भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने इस पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "सब कुछ संविधान में उल्लेखित है, मुझे अधिक कहने की आवश्यकता नहीं है।" उन्होंने संविधान के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि यह मामला राज्यपाल के संज्ञान में जाना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा संबंध संवैधानिक व्यवस्था से है। उन्होंने कहा, "राज्यपाल इस मुद्दे पर निर्णय लें। ममता को जनता का जनादेश समझना चाहिए और पद छोड़ देना चाहिए।"इस विवाद के चलते राज्यपाल आर. एन. रवि की भूमिका पर भी नजरें टिक गई हैं, जिन्हें इस स्थिति में संवैधानिक व्याख्या करनी पड़ सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि संविधान के अनुसार यदि कोई मुख्यमंत्री विधानमंडल का सदस्य नहीं है, तो उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर किसी सदन का सदस्य बनना होता है। मौजूदा विवाद इस बात को लेकर है कि प्रत्यक्ष चुनाव में हार के बाद पद पर बने रहना कितना उचित है।
दोनों पक्षों के रुख कड़े होने के बीच यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है और राज्य में संवैधानिक तथा राजनीतिक टकराव की स्थिति बन सकती है।
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