कोल्हापुर , सितंबर 11 -- महाराष्ट्र में कोल्हापुर जिले की शिरोल तहसील के नंदनी गांव में शुक्रवार देर रात हजारों लोग अपनी प्यारी हाथी माधुरी (जिसे महादेवी के नाम से भी जाना जाता है) का स्वागत करने के लिए जुटे। माधुरी गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा केंद्र से अपने मूल घर वापस लौटी है।

माधुरी ने वंतारा में पैर सड़ने की बीमारी और गठिया का करीब एक साल तक इलाज कराया। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार, नंदनी मठ और वंतारा के अधिकारियों सहित एक उच्चस्तरीय समिति ने उसकी सुरक्षित घर वापसी को मंजूरी दी।

माधुरी गुरुवार को गुजरात से रवाना हुई थी और उसे आगामी कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कोल्हापुर लाया गया है। ये कार्यक्रम नंदनी मठ में आचार्य शांतिसागरजी महाराज की 71वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किए जाएंगे।

स्थानीय नेताओं, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कई महीनों तक कानूनी और सार्वजनिक स्तर पर किए गए प्रयासों के बाद माधुरी की घर वापसी पर बेहद खुशी और राहत व्यक्त की।

चिकित्सा उपचार और पुनर्वास के लिए उसे यहां से दूर ले जाए जाने के बाद उसकी वापसी से स्थानीय श्रद्धालुओं, पशु प्रेमियों और ग्रामीणों में व्यापक खुशी और उत्सव का माहौल है। स्थानीय लोग माधुरी को अपने परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं।

माधुरी 30 वर्षों से अधिक समय तक स्वस्तिश्री जिनसेन भट्टारक पट्टाचार्य जैन मठ में रही। स्थानीय लोग उसके आसपास बड़े हुए, उसे खाना खिलाया और उसे समुदाय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना।

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