देहरादून , अप्रैल 19 -- संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों द्वारा विरोध किए जाने से नाराज बड़ी संख्या में एकत्रित महिलाओं ने रविवार को देहरादून के हाथीबड़कला में पद यात्रा निकाली। साथ ही महिला सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया। इतना ही नहीं, विरोध स्वरूप नारेबाजी करते हुए कांग्रेस एवं उनके सहयोगी दलों का पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि देश में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल हमेशा से महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर दोहरी राजनीति करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब-जब महिलाओं को अधिकार देने का अवसर आया, तब-तब विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते अवरोध खड़े किए। उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश की मातृ शक्ति जागरूक है और महिला विरोधी मानसिकता रखने वाले दलों को जवाब देने के लिए सड़कों पर उतर रही है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों के प्रति अपनी नकारात्मक और संकीर्ण सोच को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का महिलाओं के प्रति दोहरा रवैया अब देश के सामने पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है और पूर्व में भी यह दल महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने में बाधा बनता रहा है।
श्री जोशी ने कहा कि आज देश की माताएं, बहनें और बेटियां जागरूक हैं और अपने सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान के खिलाफ खड़े होने वालों को देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब अवश्य देंगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित