रामनगर , अप्रैल 11 -- उत्तराखंड में नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र में हाथियों के आने से पहले ही अलार्म बज जायेगा।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार रामनगर वनप्रभाग के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में अब हाथी की आवाजाही से पहले ही ग्रामीण सतर्क हो जाएंगे। रामनगर वन प्रभाग द्वारा क्षेत्र में हाथियों की एंट्री पर हाईटेक नजर रखने के लिए 79 अर्ली वार्निंग डिवाइस लागये गये हैं, जो हाथियों के ग्रमीण क्षेत्र में आने से पहले ही अलार्म देने लगेगा. बता दें कि रामनगर वन प्रभाग ने आबादी के आसपास बढ़ती हाथियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए एक अहम और तकनीकी पहल शुरू की है, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में 'अर्ली वार्निंग सिस्टम' लागू करना शुरू कर दिया है।

इस पहल के तहत रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले टेड़ा गांव सहित कई ग्रामीण इलाकों में विशेष 'अनेडर्स डिवाइस' लगाये गये हैं। ये डिवाइस ऊंचे स्थानों पर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि जैसे ही कोई हाथी या अन्य बड़ा वन्यजीव इन क्षेत्रों से गुजरता है, तुरंत अलार्म बज उठे।

अलार्म बजते ही आसपास के ग्रामीणों को संभावित खतरे की पहले से सूचना मिल जाती है, जिससे वे सतर्क हो सकें और सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें। वहीं, वन विभाग की टीम भी अलर्ट होकर मौके पर पहुंचती है और हाथियों को वापस जंगल की ओर खदेड़ने की कार्रवाई शुरू करती है।

वन प्रभाग के एसडीओ अंकित बडोला के अनुसार, अब तक कुल 79 अनेडर्स डिवाइस अलग-अलग संवेदनशील क्षेत्रों में लगाये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह तकनीक खास तौर पर उन इलाकों में लगायी जा रही है, जहां हाथियों की आवाजाही अधिक देखी जाती है और जहां आबादी का खतरा बना रहता है।

वन विभाग का मानना है कि यह अर्ली वार्निंग सिस्टम ग्रामीणों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। इससे न केवल लोगों की जान-माल की रक्षा होगी, बल्कि वन्यजीवों को भी किसी तरह के नुकसान से बचाया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि इसके बजने से हमारे वन कर्मचारी भी मौके पर पहुंच कर तुरंत हाथियों को जंगल में खदेड़ सकेगा. वहीं ग्रामीणों ने वन विभाग की पहल की काफी सराहना की है।

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