चंडीगढ़ , अप्रैल 08 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस मीटिंग के दौरान जमकर हंगामा हुआ है। बैठक शुरू होते ही प्रशासन द्वारा कथित तौर पर घरों को तोड़े जाने का मुद्दा कांग्रेस पार्षदों ने उठाया, जिससे माहौल गरमा गया।
विवाद के बीच चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी धरने पर बैठ गये, उन्होंने कहा, " पन्द्रह मिनट का हमने हाउसिंग बोर्ड को टाइम दिया है, अगर हमारी बात नहीं मानी जाती तो हम स्थाई तौर पर चंडीगढ़ के जितने भी काउंसलर हैं और मैं मेयर चंडीगढ़ का रेजिडेंस हम धरने पर बैठेंगे जब तक हाउसिंग बोर्ड कोई स्थाई निर्णय नहीं लेता। "इससे पहले पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने अपने क्षेत्र में हो रही कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोगों के घर तोड़े जा रहे हैं और वे परेशान हैं। उन्होंने इस मामले में राजनीति न करने की बात कही और प्रशासन से स्पष्ट रुख बताने की मांग की।
पार्षद ने आरोप लगाया कि प्रशासन अवैध कब्जों पर समान कार्रवाई नहीं कर रहा। इस पर मेयर ने कहा कि निगम सभी प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है और मामले को सुलझाने के लिए ऑल पार्टी कमेटी का गठन किया गया है।
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