नैनीताल , अक्टूबर 08 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हरिद्वार जिले के विकासखंड लक्सर की ग्राम पंचायत सेठपुर में अतिक्रमण हटाने के संबंध में चकबंदी अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है।
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि वह पहले यह पता लगाए कि पंचायत के सदस्यों ने ग्राम प्रधान को याचिका दायर करने के लिए अधिकृत करने का कोई प्रस्ताव वास्तव में पारित किया था या नहीं। इसके बाद कानून सम्मत निर्णय ले। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने 7 अक्टूबर 2026 को यह आदेश पारित किया।
ग्राम पंचायत सेठपुर के ग्राम प्रधान की ओर से कहा गया कि उन्होंने सार्वजनिक भूमि पर हुए अतिक्रमण के संबंध में चकबंदी अधिकारी को विगत 23 जून को प्रत्यावेदन दिया था लेकिन उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। यह भी कहा गया कि पंचायत सदस्यों ने एक प्रस्ताव पास कर अतिक्रमण हटवाने के लिए रिट याचिका दायर करने हेतु उन्हें (प्रधान) को अधिकृत किया गया था।
न्यायालय ने याचिका का निस्तारण करते हुए चकबंदी अधिकारी को निर्देश दिया कि वह पहले यह पता लगाए कि पंचायत सदस्यों ने याचिका दायर करने के लिए ग्राम प्रधान को अधिकृत करने वाला ऐसा कोई प्रस्ताव वास्तव में पारित किया या नहीं।
यदि वह इस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं कि प्रस्ताव वास्तव में पारित हुआ था, तो वह याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दे को देखे और कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करे।
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