नैनीताल , अक्टूबर 12 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने रामनगर के क्रिकेट खिलाड़ी शादाब उल हक की याचिका पर सोमवार को महत्वपूर्ण निर्णय जारी करते राज्य सरकार को प्रदेश भर के खेल मैदानों, पार्कों और खुले मैदानों को तीन माह में अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने कहा कि इसका उद्देश्य उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश) पार्क, खेल का मैदान और खुली जगह संरक्षण और विनियमन अधिनियम, 1975 के तहत इन स्थानों को संरक्षित करना और इन्हें व्यावसायिक गतिविधियों व कब्जों से मुक्त रखना है।
अदालत ने सचिव, शहरी विकास को निर्देश दिया है कि वे शहरी क्षेत्रों में मौजूद सभी पार्कों, खेल मैदानों और खुले स्थानों की पूरी सूची अधिसूचित करें और उन्हें अधिनियम के तहत दर्ज कराएं ताकि इनमें किसी भी प्रतिबंधित व्यावसायिक गतिविधि पर रोक लग सके।
रामनगर के एमपी इंटर कॉलेज के खेल मैदान के संबंध में अदालत ने कॉलेज के पक्ष में लीज समाप्त होने पर मैदान का नियंत्रण जिलाधिकारी को सौंप दिया है। अदालत ने पायते वाली रामलीला कमेटी को रावण दहन के मामले में नैनीताल के जिलाधिकारी को आवेदन देने को कहा है, जो आवेदन पर विचार करेंगे।
न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जब तक राज्य सरकार सभी खेल मैदानों, पार्कों और खुले स्थानों की सूची अधिसूचित नहीं करती, तब तक एमपी इंटर कॉलेज मैदान में खेल गतिविधियों के अलावा कोई अन्य आयोजन नहीं होगा।
साथ ही सभी खिलाड़ियों को मैदान के उपयोग की बेरोक-टोक अनुमति दी जाएगी। अदालत ने इसी के साथ ही याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित कर दिया है।
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