रांची , अगस्त 20 -- झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को लेकर राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
कोर्ट के इस फैसले से दोनों परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई गुरुवार को जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके तहत इन परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट के माध्यम से अपना जवाब दाखिल करे। सरकार का जवाब दाखिल होने के बाद मामले की अगली सुनवाई होगी।
हाईकोर्ट ने संबंधित याचिकाकर्ताओं को भी तत्काल राहत दी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता तत्काल प्रभाव से अपने काम पर वापस लौटें। इससे उन सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी नियुक्ति सरकार के आदेश के बाद प्रभावित हुई थी।
ज्ञातव्य है कि झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर लंबे समय से छात्रों का आंदोलन चल रहा था। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों के बीच राज्य सरकार ने कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार ने 2014 से अब तक आयोजित कई परीक्षाओं को रद्द करने से संबंधित आदेश जारी किए थे। इनमें जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाएं भी शामिल थीं।
सरकार के फैसले से प्रभावित सफल अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। परीक्षा रद्द करने और नियुक्ति प्रक्रिया समाप्त करने के सरकारी आदेश को चुनौती देते हुए तीन अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गईं। सोनम कुमारी, अवधेश कुमार समेत अन्य की ओर से दायर याचिकाओं में सरकार के आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी, सफल हुए और उसके बाद नियुक्ति प्राप्त की। ऐसे में बिना व्यक्तिगत स्तर पर उनकी भूमिका तय किए पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करना उचित नहीं है।
हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद अब राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर अपना पक्ष अदालत के समक्ष रखना होगा। सरकार के जवाब और आगे की सुनवाई पर यह तय होगा कि इन परीक्षाओं तथा नियुक्तियों को लेकर अंतिम स्थिति क्या होगी। फिलहाल कोर्ट के आदेश से संबंधित सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित