मथुरा , अप्रैल 24 -- मथुरा में बीएसए डिग्री कॉलेज की प्रबंध समिति को लेकर चल रहे विवाद में दोनों पक्षों ने शुक्रवार दोपहर अलग-अलग स्थान पर प्रेस कांफ्रेंस की। पहली प्रेस कांफ्रेंस में श्री अग्रवाल शिक्षा मंडल रजिस्टर्ड और विरोधी पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 22 अप्रैल के आदेश के बाद दोनों पक्ष इसे अपने-अपने पक्ष में बता रहे हैं।
अग्रवाल शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित पत्रकार सम्मेलन में समिति के मंत्री धीरेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि न्यायालय ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, आगरा और उच्च शिक्षा निदेशक, प्रयागराज द्वारा लागू एकल संचालन व्यवस्था को निरस्त कर दिया है। उनके अनुसार, अदालत ने पूर्व शिकायतों में कोई प्रतिकूल निष्कर्ष न मिलने का हवाला देते हुए अनुमोदित प्रबंध समिति को पुनः सभी प्रशासनिक और प्रबंधकीय अधिकार सौंप दिए हैं।
मंडल के मंत्री किशोर कुमार अग्रवाल ने इसे "सत्य की जीत" बताते हुए कहा कि पिछले पांच महीनों से डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज की समिति को काम करने से रोका जा रहा था, जिसे न्यायालय के आदेश ने समाप्त कर दिया। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता उमाशंकर अग्रवाल ने भी आदेश की कानूनी व्याख्या प्रस्तुत की।
वहीं दूसरी ओर, कॉलेज प्रबंधन से जुड़े ललित मोहन शर्मा ने दोपहर 2:00 बजेअलग प्रेस वार्ता कर आदेश की अलग व्याख्या की। उनका कहना है कि न्यायालय का निर्णय पूरी तरह उनके पक्ष में है और इसमें कथित अनियमितताओं व गबन के आरोपों पर कार्रवाई का रास्ता साफ किया गया है। उन्होंने दावा किया कि दूसरी पक्ष द्वारा आदेश की गलत व्याख्या कर इसे अपने पक्ष में प्रचारित किया जा रहा है।
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