नैनीताल , अगस्त 24 -- तीर्थ नगरी हरिद्वार में उच्च न्यायालय की रोक के बावजूद रायवाला से भोगपुर तक हो रहे कथित अवैध खनन के मामले में हाईकोर्ट ने सुनवाई शुरू हो गई है और इस प्रकरण में अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ शाह की खंडपीठ के समक्ष हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, मातृ सदन और स्टोन क्रशर संचालकों की ओर से अपने-अपने पक्ष रखे गए।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में हरिद्वार में अवैध खनन पर रोक लगाई गई है। प्रशासन द्वारा कई स्टोन क्रशरों को सील किया गया है और अदालत के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।

वहीं याचिकाकर्ता मातृ सदन की ओर से सरकार के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि अदालत के आदेश के बावजूद गंगा क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध खनन जारी है। मातृ सदन की ओर से यह भी बताया गया कि राज्य सरकार की विशेष अपील को सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुका है। इसके अलावा गंगा संरक्षण को लेकर एनजीटी की ओर से भी कई सख्त आदेश जारी किए गए हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि 30 जुलाई 2025 को हाईकोर्ट ने अवैध रूप से संचालित स्टोन क्रशरों के संचालन पर रोक लगाई दी थी, लेकिन इसके बावजूद खनन गतिविधियां जारी रहीं। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से पूर्व में जारी आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की गयी।

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