धार , जून 24 -- मध्यप्रदेश में धार के हटवाड़ा स्थित ऐतिहासिक सरकारी इमामबाड़ा प्रकरण में 25 जून को होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं। इस बीच सरकारी ताजिया कमेटी ने समाज से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
सरकारी ताजिया कमेटी के सदर मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि कमेटी कानून और न्यायालय के प्रत्येक निर्णय का सम्मान करेगी। उन्होंने मुस्लिम समाज तथा शहरवासियों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और अमन-चैन बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि सरकारी इमामबाड़ा से बेदखली संबंधी प्रशासनिक नोटिस के विरुद्ध इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। कमेटी की ओर से न्यायालय में आवश्यक दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रमाण प्रस्तुत किए जा चुके हैं तथा अब आगामी सुनवाई के निर्णय पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में जिला प्रशासन, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों की बैठक में यह सहमति बनी थी कि न्यायालय का जो भी फैसला होगा, उसे सभी पक्ष स्वीकार करेंगे तथा शांति व्यवस्था बनाए रखेंगे।
कमेटी ने कहा कि यदि न्यायालय से सरकारी इमामबाड़ा में ताजिया निर्माण और मोहर्रम के धार्मिक आयोजनों की अनुमति मिलती है तो परंपरागत रूप से ताजिया, अखाड़ा और जुलूस निकाला जाएगा। अन्यथा कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।
इस बीच कोतवाली पुलिस ने इमामबाड़ा के सामने निषेधाज्ञा के दौरान एकत्रित होकर नारेबाजी और मार्ग अवरोध करने के मामले में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार वीडियो साक्ष्यों के आधार पर कुछ नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ के आधार पर की जा रही है तथा पहचान होने पर उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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