जालौन , सितंबर 8 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एआरटीओ सौम्या पाण्डेय ने वाहन चालकों से अपील की है कि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर जल्दबाजी के बजाय सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें और परिवार के प्रत्येक सदस्य की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं से बचने के लिए निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना, सीट बेल्ट का प्रयोग, लेन अनुशासन बनाए रखना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से बचना बेहद जरूरी है। सड़क पर लगे संकेतकों, गति सीमा और लेन मार्किंग का पालन प्रत्येक चालक की जिम्मेदारी है।

सौम्या पांडे ने कहा कि चौड़ी और खाली सड़क देखकर चालक अक्सर वाहन की गति बढ़ा देते हैं, जो दुर्घटना का प्रमुख कारण बन सकता है। वाहन को संबंधित हाईवे अथवा एक्सप्रेसवे पर प्रदर्शित निर्धारित गति सीमा के अनुसार ही चलाना चाहिए। बारिश, कोहरा, धूल, रात अथवा कम दृश्यता की स्थिति में गति परिस्थितियों के अनुरूप कम कर देनी चाहिए। तेज गति में अचानक ब्रेक लगाने, लेन बदलने और आगे चल रहे वाहन से बहुत कम दूरी रखने से बचना चाहिए।

कार में चालक के साथ आगे और पीछे बैठे सभी यात्रियों को सीट बेल्ट लगानी चाहिए। बच्चों को गोद में बैठाकर यात्रा करना असुरक्षित है। उनकी उम्र और आकार के अनुरूप बाल सुरक्षा व्यवस्था का प्रयोग किया जाना चाहिए। वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने और सामान इस तरह रखने से बचना चाहिए जिससे चालक की दृश्यता प्रभावित हो।

फोरलेन और एक्सप्रेसवे पर बार-बार लेन बदलना दुर्घटना का कारण बन सकता है। लेन बदलने से पहले इंडिकेटर देना, शीशों में पीछे के यातायात को देखना और पर्याप्त खाली स्थान सुनिश्चित करना आवश्यक है। गलत दिशा में वाहन चलाने, अचानक यू-टर्न लेने अथवा अनधिकृत स्थान से सड़क पार करने से बचना चाहिए।

वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना, मैसेज करना या सोशल मीडिया देखना जानलेवा हो सकता है। शराब अथवा किसी नशीले पदार्थ का सेवन कर वाहन चलाना कानून का उल्लंघन होने के साथ गंभीर दुर्घटना का कारण भी बन सकता है। नींद या अत्यधिक थकान की स्थिति में भी वाहन नहीं चलाना चाहिए। लंबी यात्रा के दौरान सुरक्षित स्थान पर रुककर पर्याप्त आराम करना जरूरी है।

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