बीजिंग , फरवरी 24 -- हांगकांग सरकार ने हांगकांग स्थित कंपनी सीके हचिसन होल्डिंग्स की स्थानीय इकाई द्वारा संचालित किए जा रहे दो बंदरगाहों का पनामा द्वारा जबरन अधिग्रहण किए जाने की कड़ी निंदा की है।
पनामा सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि उसने पनामा पोर्ट्स कंपनी (पीपीसी) के साथ अनुबंध रद्द करने के बाद बाल्बोआ और क्रिस्टोबाल बंदरगाहों का अस्थायी नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। पीपीसी, हांगकांग आधारित हचिसन की स्थानीय शाखा है।
हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र (एचकेएसएआर) सरकार ने बयान में कहा कि वह पनामा सरकार की इस "जबरन कार्रवाई" से अत्यंत असंतुष्ट है और इसका विरोध करती है। सरकार ने इसे अनुचित कदम बताते हुए कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों और पनामा की वैश्विक साख को नुकसान पहुंचा है।
हांगकांग सरकार ने कहा कि वह विदेशों में अपनी कंपनियों के वैध हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और पनामा से संधि दायित्वों का सम्मान करने, निष्पक्ष कारोबारी माहौल सुनिश्चित करने तथा कानूनी ऑपरेटरों के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया।
गौरतलब है कि जनवरी के अंत में पनामा के सर्वोच्च न्यायालय ने पीपीसी के साथ 1997 में हुए उस अनुबंध को असंवैधानिक करार दिया था, जिसके तहत कंपनी को बालबोआ और क्रिस्टोबाल बंदरगाहों के कंटेनर टर्मिनलों के विकास, निर्माण और प्रबंधन का अधिकार 25 वर्षों के लिए दिया गया था। वर्ष 2021 में इस समझौते को 2047 तक बढ़ा दिया गया था, जिस पर निगरानी निकायों की स्वीकृति नहीं ली गई थी।
ऑडिट अनुमानों के अनुसार अनुबंध की प्रतिकूल शर्तों के कारण पनामा राज्य को 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। इस फैसले के बाद हचिसन ने पनामा गणराज्य के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जबकि चीन ने भी इस निर्णय की आलोचना की है।
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