जयपुर , नवम्बर 09 -- राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भारतीय संस्कृति को प्रकृति पूजक बताते हुए कहा है कि हवा, पानी, मिट्टी की शुद्धता नहीं रखने से ही पर्यावरण का संकट गहराया है।

श्री बागड़े रविवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित विज्ञान भारती पार्क में 'एक वृक्ष माँ के नाम' कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पेड़ धरती का शृंगार हैं। उन्हें अधिक से अधिक लगाएं ही नहीं बल्कि लगाने के बाद पनपने तक उनका संरक्षण भी करें।

श्री बागड़े ने कहा कि विज्ञान भारती ने अनुपयोगी डंपिंग यार्ड में पौधारोपण करके उसे "ऑक्सी जोन" के रूप में विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। यह अनुकरणीय है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए शुद्ध वायु और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बनेगा।

उन्होंने पेड़ लगाने के साथ ही पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए भी सभी को मिलकर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि विज्ञान प्रसार का एक अर्थ यह भी है कि हम वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करें। वैज्ञानिक दृष्टिकोण यह है कि पेड़ों से ही पर्यावरण संतुलन बना रहता है। पेड़ उजड़ते हैं तो बहुत कुछ उजड़ जाता है। वहां रहने वाले जीव-जंतुओं का आवास छिन जाता है। इसी से पारिस्थितिकी संतुलन गड़बड़ाता है।

श्री बागड़े ने औद्योगिक क्षेत्रों में हरित पहल करने के साथ कचरा प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता अभियान चलाने का भी आह्वान किया।

विज्ञान भारती के डॉ. मेघेन्द्र शर्मा ने बताया कि विज्ञान भारती ने जयपुर, अलवर और सीकर जिलों में अनुपयोगी भूमि को हरित क्षेत्र में बदलने की विशेष मुहिम शुरू की है।

श्री बागड़े ने इससे पहले 'कल्पवृक्ष' लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

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