झुंझुनू , जुलाई 25 -- राजस्थान के झुंझुनू जिले में भारतीय सेना के जवान नरेश सिंह तंवर को शनिवार को उनके पैतृक गांव बुहाना में पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की आंखें नम थीं और हर जुबान पर जवान की देशसेवा का जिक्र था। भिर्र गांव से बुहाना तक निकाली गई तिरंगा यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण, युवा और पूर्व सैनिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने भारत माता की जय और नरेश सिंह अमर रहें के नारों के बीच अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।
श्मशान घाट पर सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। इस भावुक पल में जवान के अग्निवीर पुत्र सचिन ने पिता को मुखाग्नि दी। जबकि पुत्री मुस्कान ने सैल्यूट करके अपने पिता को अंतिम विदाई दी। सेना के अधिकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज परिजनों को सौंपते हुए शहीद सैनिक के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
नरेश सिंह तंवर ने 18 जून 2001 को दिल्ली स्थित राजपूताना राइफल्स सेंटर से भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का संकल्प लिया था। करीब 25 वर्षों तक उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं दीं। ड्यूटी से लौटते समय ट्रेन की चपेट में आने से उनका निधन हो गया।
अंतिम संस्कार में पूर्व विधायक सुभाष पूनियां, भाजपा जिलाध्यक्ष रतन सिंह तंवर, तहसीलदार बाबूलाल जाट, नगर पालिका के अधिकारी सुरेन्द्र कुमार, थानाधिकारी राममनोहर, नगर पालिका अध्यक्ष दशरथ तंवर, पूर्व उपप्रधान राजपाल सिंह तंवर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, ग्रामीण और युवाओं ने दिवंगत जवान को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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