नैनीताल , जुलाई 23 -- उत्तराखंड के हल्द्वानी में सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे मशहूर ओके होटल के 3.5 मीटर के अवैध हिस्से को ध्वस्त किया जाएगा।उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने 3.5 मीटर हिस्से को ध्वस्त करने पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने विगत 17 जुलाई को ओके होटल से संबंधित मामले में 'करेक्शन एप्लीकेशन' पर सुनवाई करते हुए अंतिम निर्णय दिया।

सुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में लाया गया कि भवन के सामने के हिस्से को ध्वस्त करने के लिए 12 मीटर की पैमाइश सड़क के केंद्र (मध्य) से की जाएगी। इसके आधार पर 3.5 मीटर का अतिक्रमण या अवैध निर्माण चिन्हित होता है।

यह भी कहा गया कि 08 जनवरी,2024 के नगर निगम की ओर से आवंटित नोटिस में भी 3.5 मीटर अतिक्रमण का उल्लेख किया गया है।

इससे पूर्व खंडपीठ ने 18 जून को आदेश पारित कर 12 मीटर हिस्से को आपत्तिजनक मानते हुए याचिका को निस्तारित कर दी थी। इसके बाद याचिकाकर्ता की ओर से स्पष्टीकरण के लिए करेक्शन एप्लीकेशन दाखिल की गई।

अदालत ने आदेश दिया कि भवन के सामने के हिस्से के ध्वस्तीकरण के लिए 12 मीटर की दूरी सड़क के केंद्र से मापी जाएगी और इस आधार पर 3.5 मीटर के आपत्तिजनक हिस्से को ध्वस्त किया जाएगा।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चार सप्ताह के भीतर पूरी की जाएगी। इसके साथ ही न्यायालय ने 'करेक्शन एप्लीकेशन' का पूरी तरह से निस्तारण कर दिया।

उल्लेखनीय है कि लालकुआं-काठगोदाम सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। अतिक्रमण के चलते हल्द्वानी में सड़क चौड़ीकरण का कार्य अपेक्षित तेजी नहीं पकड़ पाया।

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