देवास , अगस्त 11 -- मध्यप्रदेश में देवास जिले के सतवास थाना क्षेत्र के धांसड़ गांव में सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद मंगलवार को मातम पसरा रहा। हल्की बारिश के बीच गांव से एक साथ छह अर्थियां उठीं। मृतक पिता के साथ उनकी दोनों मासूम बच्चियों की अर्थियां भी एक साथ अंतिम यात्रा में शामिल थीं। गांव की गलियों से एक साथ छह अर्थियां गुजरने का दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
हादसे में जान गंवाने वाले परिवार के तीन अन्य सदस्यों का अंतिम संस्कार खंडवा जिले के पुनासा में किया गया। धांसड़ गांव में अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्रीय विधायक मुरली भंवरा सहित ग्रामीणों ने मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। पूरे गांव में गम और सन्नाटे का माहौल रहा।
सबसे मार्मिक दृश्य उस समय सामने आया, जब शंकर के छोटे बेटे खुशाल ने अपने माता-पिता, भाई-भाभी और दो मासूम बच्चों को मुखाग्नि दी। एक साथ परिवार के कई सदस्यों को अंतिम विदाई देते समय खुशाल और परिजनों का दर्द देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो गया।
परिजनों के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले विशाल की पत्नी पूजा गर्भवती थी। एक ही हादसे में परिवार की कई जिंदगियां उजड़ गईं और एक अजन्मे बच्चे से भी उसका परिवार छिन गया।
यह दर्दनाक हादसा सोमवार को राजगढ़ जिले के सारंगपुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के पास हुआ था। पानी के तेज बहाव के दौरान ईको वाहन बह गया था। हादसे में धांसड़ गांव के एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई थी। एक साथ उठीं अर्थियों और चिताओं के बीच धांसड़ गांव में हर आंख नम रही। हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है और यह त्रासदी लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बनी रहेगी।
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