बेतिया, दिसंबर 14 -- बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने रविवार को यहां कहा कि अपनी प्रतिभा को न्याय देते हुए हर व्यक्ति को अपने विशेष गुणों और क्षमताओं के साथ विकास करने का अधिकार है।

राज्यपाल श्री खान ने बेतिया के ऑडोटोरियम में संस्कार भारती की तरफ से आयोजित दो दिवसीय भोजपुरिया कला हाट के समापन समारोह में कहा कि जब कोई व्यक्ति केवल अपनी भलाई के बारे में सोचता हैं, तो वह वास्तिक जीवन के उद्देश्य से दूर हो जाता है।

राज्यपाल ने कहा कि दूसरों के कल्याण के लिए काम करने वाला ही सच्चा नायक होता है। उन्होंने चंपारण की समृद्ध कला, संस्कृति और विरासत को सराहा और इसे पावन भूमि करार दिया।

श्री खान ने समारोह के दौरान चंपारण के हस्तशिल्प, मधुबनी पेंटिंग और थरुहट के जीविका समूह द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन किया। कारीगरों ने राज्यपाल को अपनी कलाकृतियों के लिए बाजार की आवश्यकता बताई, जिसे राज्यपाल ने ध्यान से सुना और इस दिशा में आवश्यक पहल का आश्वासन दिया। उन्होंने कला और कारीगरों की मेहनत को महत्व देते हुए इसे वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग देने की बात भी कही।

श्री खान ने इस दौरान ईश्वर शांति विधि महाविद्यालय के आभासी उद्घाटन के साथ इसका शिलापट् अनावरण भी किया और कहा कि यह महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा देगा और इस पहल से क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

इस कार्यक्रम के दौरान कला, चिकित्सा, समाजसेवा, साहित्य, पर्यावरण संरक्षण और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 15 से अधिक व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। इन सम्मानित व्यक्तियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।

कार्यक्रम में सांसद डॉ. संजय जायसवाल, विधायक संजय कुमार पांडेय, राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रांत प्रचारक रविशंकर , संस्कार भारती के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष डा. दीवाकर राय, सत्येंद्र शरण और शबा खानम सहित कई ने और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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