पटना, जून 28 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को घोषणा की है कि राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास को गति देने और जनभागीदारी आधारित सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को पंचायत विकास दिवस' का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने आज मुंगेर जिले के टेटिया बम्बर प्रखण्ड के टेटिया ग्राम पंचायत में 'पंचायत विकास दिवस' कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुये कहा कि अब राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को 'पंचायत विकास दिवस' आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे वर्ष में 12 अवसर ऐसे मिलेंगे, जब पंचायत प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं ग्रामीण एक साथ बैठकर पंचायत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे और स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस निर्णय लेंगे।
श्री चौधरी ने बताया कि प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को आयोजित सहयोग शिविरों में अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक लंबित आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में निपटारा किया जा चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंचायत विकास दिवस भी ग्रामीण विकास का प्रभावी मंच बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत विकास दिवस का उद्देश्य पंचायतों को गरीबी मुक्त, स्वच्छ, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, जल प्रबंधन, सिंचाई,पेयजल, स्वच्छता, हरित विकास, सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा और कार्य योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने सांसद, विधायक, जिला परिषद, पंचायत समिति, मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य एवं पंच सहित सभी जनप्रतिनिधियों से ग्राम सभाओं के माध्यम से जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
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