पटना , मई 12 -- बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने मंगलवार को कहा कि राज्य के सभी महिला थानों को केवल महिलाओं से जुड़े मामलों की प्राथमिकी दर्ज करने और उसके निपटारे तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें पीड़ित महिलाओं के लिए भरोसेमंद सहायता केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
डीजीपी विनय कुमार ने आज पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में घरेलू हिंसा/जेंडर आधारित हिंसा विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुये कहा कि महिला थाना प्रभारी एवं यहां तैनात कर्मियों अपने थाना क्षेत्र की पंचायतों में जाएं और महिला अपराध से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दें।
डीजीपी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि महिला से जुड़े मामलों या किसी अपराध को बेहद संवेदनशीलता से लेकर तुरंत कार्रवाई करें। लैंगिक अपराध से जुड़े दो प्रतिशत मामले ही दर्ज हो पाते हैं। इस स्थिति को सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर पंचायत में सहयोग शिविर लगाकर महिला हिंसा से जुड़े मामलों की जानकारी लोगों को देने की पहल की जा रही है।
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