लखनऊ , मार्च 30 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोजित 'जनता दर्शन' में प्रदेश भर से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सभी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार हर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने एक-एक फरियादी से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्नाव के बांगरमऊ से आईं ममता तिवारी ने मंदिर पर कब्जे की शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि कब्जाधारी उन्हें पूजा करने से भी रोक रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं बदायूं से आए एक किसान ने फसल नष्ट किए जाने और पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने की शिकायत की।

मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी किसान के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ तुरंत विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। बलरामपुर से आए एक फरियादी ने गांव की जर्जर सड़क का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रशासन को मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करने और शीघ्र सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए।

जनता दर्शन में फर्रुखाबाद के एक निशानेबाज खिलाड़ी ने लाइसेंस दिलाने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि खिलाड़ी प्रदेश की धरोहर हैं और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए। कार्यक्रम में जमीन विवाद, पारिवारिक मामलों और अवैध कब्जों से जुड़े कई प्रकरण सामने आए। लखनऊ के एक फरियादी ने अवैध कॉलोनी का मुद्दा उठाया, जिस पर मुख्यमंत्री ने आवास आयुक्त को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए, वहीं सरोजिनी नगर क्षेत्र से आए एक व्यक्ति ने जमीन कब्जाने और बाउंड्रीवाल तोड़ने की शिकायत की, जिस पर एसडीएम को तत्काल निस्तारण के आदेश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सभी मामलों में पीड़ितों की संतुष्टि सर्वोपरि होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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