नारायणपुर , अप्रैल 12 -- महाराष्ट्र सीमा से सटे छत्तीसगढ के ओरछा ब्लॉक के दूरस्थ ग्राम नेलांगुर में जल जीवन मिशन के तहत पहली बार घर-घर नल से जल आपूर्ति शुरू हो गई है। इस पहल से लंबे समय से पेयजल संकट झेल रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है।

जिला जनसंपर्क अधिकारी ने रविवार को बताया कि जिले के अंतिम छोर पर बसे इस पूर्व अतिसंवेदनशील गांव में जल आपूर्ति व्यवस्था शुरू होने को विकास की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाली के साथ अब विकास कार्यों ने भी गति पकड़ी है। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत सोलर पंप आधारित प्रणाली विकसित की गई है, जिसके जरिए जल स्रोत से पानी उठाकर पाइपलाइन के माध्यम से सीधे घरों तक पहुंचाया जा रहा है। इससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है और नियमित जल आपूर्ति संभव हो सकी है।

उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय से लगभग 52 किलोमीटर दूर स्थित नेलांगुर के ग्रामीण वर्षों से पेयजल की समस्या से जूझ रहे थे। अब इस व्यवस्था के लागू होने से उनकी यह परेशानी काफी हद तक दूर हो गई है। विशेष रूप से महिलाओं को राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। घरों तक नल कनेक्शन मिलने से समय और श्रम की बचत हो रही है, वहीं स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।

प्रशासन के अनुसार, गांव में जल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने और हर घर तक नियमित पानी पहुंचाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। नेलांगुर में सोलर पंप आधारित जल आपूर्ति व्यवस्था का सफल क्रियान्वयन इस बात का संकेत है कि शासन की योजनाएं अब दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं, जिससे क्षेत्र में विकास और विश्वास की नई नींव मजबूत हो रही है।

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