अमृतसर , मई 30 -- पंजाब की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रोफेसर लक्ष्मीकांता चावला ने राज्य सरकार से प्रत्येक गांव और स्कूल में बच्चों के लिए खेल मैदान उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रो. चावला ने कहा कि सरकार द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि राज्य के स्कूल देश के सर्वश्रेष्ठ स्कूलों में शामिल हैं और राज्य में लगभग 19 हजार स्कूल हैं लेकिन बच्चों के लिए खेल सुविधाओं की उपलब्धता पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।
शनिवार को यहां जारी एक बयान में प्रो. चावला ने कहा कि पंजाब के अनेक गांवों में बच्चों के खेलने के लिए पर्याप्त मैदान नहीं हैं। वहीं कई स्कूल छोटे-छोटे भवनों में संचालित हो रहे हैं, जहां बच्चों को खेलकूद की सुविधाएं नहीं मिल पातीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से आग्रह किया कि राज्य में ऐसा कोई गांव या स्कूल न रहे, जहां बच्चों को खेलने का अवसर न मिले।
उन्होंने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बच्चों की अपील सुनकर एक गांव में खेल मैदान बनाने के निर्देश दिए थे, जो सराहनीय कदम है। इसी भावना के साथ पूरे पंजाब में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।
प्रो. चावला ने यह भी मांग की कि राज्य के सभी निजी स्कूलों के लिए खेल मैदान और खेल सुविधाएं अनिवार्य की जाएं। उन्होंने कहा कि हर बच्चे के पास स्कूल के बाद अलग से फीस देकर खेल अकादमियों या निजी मैदानों तक पहुंचने के साधन नहीं होते, इसलिए स्कूलों में ही खेलकूद की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि पंजाब का कोई भी बच्चा खेल सुविधाओं से वंचित न रहे।
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