पटना , जुलाई 27 -- ाज्य सरकार के स्तर से शुरू की गई 'हर खेत तक सिंचाई का पानी' योजना के निर्धारित लक्ष्य को जल संसाधन विभाग ने हासिल कर लिया है। इस योजना के तहत चयनित 1378 योजनाओं में करीब 1358 योजनाएं पूर्ण कर ली गई है। इससे 6.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी उपलब्ध होने का अनुमान है।
राज्य सरकार ने किसानों के आय में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से सात निश्चय-2 के तहत कृषि से संबंधित कई योजनाएं शुरू किया है, जिससे किसानों को कम खर्च में अधिक लाभ हो सके। वहीं खेती के दौरान समय पर किसानों को पर्याप्त मात्रा में सिंचाई का पानी मिल सकें इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 'हर खेत तक सिंचाई का पानी' योजना शुरू किया गया है।
इस योजना को कार्यान्वित करने के लिए जल संसाधन विभाग के नेतृत्व में पांच विभागों की एक टीम गठित की गई थी, जिसमें जल संसाधन विभाग के अलावा लघु जल संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग और ऊर्जा विभाग को शामिल किया गया था। इन पांचों विभागों को मिलाकर प्रखंड स्तर पर कुल 534 संयुक्त टीमें गठित की गई थी।
विभाग के अनुसार 'हर खेत तक सिंचाई का पानी' योजना के तहत तीन फेज में कुल 1378 योजनाओं का चयन किया गया था, जिससे कि 6,65,866 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जा सकें। राज्य सरकार के आदेश पर जल संसाधन विभाग सहित टीम में शामिल विभागों ने निर्धारित लक्ष्य में 1358 योजनाएं पूर्ण कर लिया है। इन योजनाओं से राज्य के 6,45,973 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का पानी उपलब्ध होने का अनुमान है।
किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई 'हर खेत तक सिंचाई का पानी' योजना के तहत तकनीकी सर्वेक्षण दल के स्तर से आठ योजनाओं का चयन किया गया था। इन योजनाओं में आहर-पईन सिंचाई योजना, उद्वह सिंचाई योजना, चेक डैम निर्माण योजना, एंटी फ्लड स्लुईस चैनल से सिंचाई योजना, नहरों का पुनर्स्थापन नहरों का संभावित विस्तारीकरण, फील्ड चैनल का पुनर्स्थापन निर्माण, नलकूप सिंचाई योजना शामिल हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित