ऋषिकेश , जुलाई 24 -- हरेला पर्व (माह) के तहत उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश एवं रोटरी क्लब ऋषिकेश के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को संस्थान परिसर में औषधीय पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान अशोक, आंवला, हरड़, बहेड़ा समेत विभिन्न प्रजातियों के करीब 50 औषधीय पौधे रोपे गए। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ लोगों को हरियाली और औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।
एम्स ऋषिकेश की निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह ने अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण ही सुरक्षित जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि शुद्ध प्राणवायु मानव जीवन के लिए सबसे आवश्यक है और इसे बनाए रखने के लिए पौधरोपण को जन आंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि हरेला जैसे अभियान केवल एक दिन तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष निरंतर चलाए जाएं।
एम्स परिसर के गेट नंबर-दो स्थित मिलेट कैफे के आसपास आयोजित इस अभियान में संस्थान के चिकित्सकों, फैकल्टी सदस्यों, कर्मचारियों और रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधरोपण के साथ लगाए गए पौधों के संरक्षण का भी संकल्प लिया।
कार्यक्रम में ग्रामीण अभियंत्रण सेवा परिषद उत्तराखंड के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट, डीन अकादमिक प्रो. डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, डीन रिसर्च प्रो. एस.के. हांडू, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्य श्री, आयुष विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका पठानिया, एसई कर्नल कुशल देव, ईई महावीर सिंह, पीपीएस विनीत कुमार, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. श्रीलय मोहंती, रोटरी क्लब ऋषिकेश के अध्यक्ष एम.एस. बिष्ट, सचिव मनीष राजपूत, रोटेरियन जितेंद्र बर्थवाल, गोपाल अग्रवाल, हिमांशु गुल्हाटी, डॉ. डी.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिओम प्रसाद, नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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