चंडीगढ़ , मई 20 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'श्वेत क्रांति से स्वीट क्रांति' के आह्वान को आगे बढ़ाते हुए मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दे रही है।

श्री सैनी ने पंचकूला के रेड बिशप कन्वेंशन सेंटर में विश्व मधुमक्खी दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2030 तक राज्य में 7,750 मधुमक्खी पालक और 15,500 टन शहद उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार मधुमक्खी पालन के लिए बक्सों, कॉलोनियों और उपकरणों पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है। साथ ही, शहद को भावांतर भरपाई योजना में शामिल कर 120 रुपये प्रति किलो संरक्षित मूल्य तय किया गया है। मुख्यमंत्री ने 30 किसानों के खातों में 1.02 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी जारी की। उन्होंने बताया कि हरियाणा में तीन हजार से अधिक मधुमक्खी पालक नेशनल मधुक्रांति पोर्टल पर पंजीकृत हैं और इस मामले में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मधुमक्खियां कृषि और पर्यावरण की रीढ़ हैं तथा परागण के जरिए फसलों की पैदावार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने किसानों से सरसों, सूरजमुखी, कपास और फल-सब्जियों की खेती के साथ मधुमक्खी पालन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र के रामनगर में इजरायली तकनीक पर आधारित देश का पहला एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र स्थापित किया गया है, जहां प्रशिक्षण और शहद प्रसंस्करण की सुविधाएं उपलब्ध हैं।

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