चंडीगढ़ , जून 25 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि कौशल, रोजगार, नवाचार और राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार मानती है।

उन्होंने कहा कि 'हरियाणा विजन-2047' के तहत शिक्षा क्षेत्र में किये जा रहे सुधार युवाओं को आत्मनिर्भर, सक्षम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे।

वीरवार को सिविल सचिवालय में तकनीकी शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुख बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित होने वाली 10 नई इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) को ध्यान में रखते हुए युवाओं को उन्नत तकनीक आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाये।

मुख्यमंत्री ने आईटीआई, पॉलिटेक्निक और उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता, रैंकिंग और प्रदर्शन में सुधार के लिए नियमित मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप शॉर्ट टर्म स्किल कोर्स शुरू करने पर भी बल दिया।

बैठक में चार नये पॉलिटेक्निक कॉलेजों की प्रगति की समीक्षा की गयी। मुख्यमंत्री ने सभी पॉलिटेक्निक संस्थानों में आधुनिक मशीनरी, बेहतर आधारभूत ढांचे और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में हरियाली, स्वच्छता और प्रेरणादायक वातावरण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।

स्कूल शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूलों में निर्माण कार्यों, प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं की गुणवत्ता की निगरानी के लिए विजिलेंस कमेटियां गठित करने के निर्देश दिये। ये कमेटियां औचक निरीक्षण कर विद्यार्थियों से सीधे फीडबैक लेंगी।

मुख्यमंत्री ने सप्ताह में एक पीरियड स्वच्छता गतिविधियों के लिए निर्धारित करने और इसमें भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देने की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही स्कूलों में हरियाणा राज्य गीत के गायन को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिये।

उन्होंने स्कूलों की खरीद और टेंडर प्रक्रियाओं को सात से 14 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिये तथा कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद किसी भी स्कूल में विद्यार्थियों को टाट-पट्टी पर न बैठना पड़े। सभी विद्यालयों में पर्याप्त डेस्क उपलब्ध कराने, बाउंड्री वॉल, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग से स्थापित की जा रही 1065 लैब की संख्या बढ़ाकर 2000 करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिये। इसके अलावा हर स्कूल में चौकीदार और सफाई कर्मचारी की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर एचकेआरएनएल के माध्यम से नियुक्तियां करने को कहा।

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