चंडीगढ़ , जून 20 -- हरियाणा लोक भवन में पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस समारोह उत्साह, गरिमा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष , पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया , हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी , विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल असीम कुमार घोष ने पश्चिम बंगाल को भारत की सांस्कृतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि राज्य ने शिक्षा, साहित्य, कला, विज्ञान और स्वतंत्रता आंदोलन में ऐतिहासिक योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक परंपराएं देश की एकता को मजबूत करती हैं।

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाने की पहल 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को सशक्त बनाती है और देश की विविध संस्कृतियों को समझने का अवसर प्रदान करती है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पश्चिम बंगाल वह भूमि है जिसने भारत को नई सोच, जागरूकता और संघर्ष की प्रेरणा दी। उन्होंने रबिन्द्रनाथ टैगोर , स्वामी विवेकानंदा , सुभास चंद्र बोस और रामआकृष्णा परामहंसा जैसी महान विभूतियों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल ने भारत के नवजागरण का नेतृत्व किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य 'आत्मनिर्भर भारत' और 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए लोकनृत्य, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिन्हें उपस्थित अतिथियों ने सराहा। कार्यक्रम ने 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की भावना को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

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