चंडीगढ़ , जनवरी 16 -- हरियाणा सरकार ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक अहम फैसला लिया है। राज्य में हरियाणा रोडवेज की बसें चलाने वाले सभी चालकों के लिए सीट बेल्ट लगाना अब अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में परिवहन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से आदेश जारी किये गये हैं।
आदेश के मुताबिक, सीट बेल्ट न लगाने पर चालक पर 1000 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, बसों में सीट बेल्ट की सुविधा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी तय की गयी है। सरकार का मानना है कि इस कदम से सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाले जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब कोई भी रोडवेज चालक बिना सीट बेल्ट लगाये बस नहीं चला सकेगा। यह नियम यात्रियों के साथ-साथ चालकों की सुरक्षा के लिए भी बेहद जरूरी बताया गया है।
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई होगी। आदेश में कहा गया है कि यदि बस चलाते समय चालक सीट बेल्ट नहीं लगाएगा, तो उस पर 1000 रुपये का यातायात चालान किया जाएगा। इसके अलावा, चालक के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। यदि किसी बस में सीट बेल्ट की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है, तो इसके लिए चालक को दोषी नहीं ठहराया जाएगा। ऐसी स्थिति में जुर्माने की जिम्मेदारी संबंधित रोडवेज वर्कशॉप प्रबंधक की होगी।
वर्तमान में हरियाणा रोडवेज के पास लगभग 4000 से 4500 बसें हैं, जो 24 डिपो के माध्यम से प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में संचालित की जा रही हैं। सरकार की योजना आने वाले समय में बसों की संख्या बढ़ाकर करीब 5300 करने की है। इसके लिए सभी डिपो को निर्देश दिये गये हैं कि पुरानी और नयी सभी बसों में सीट बेल्ट की सुविधा जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाये।
आदेश जारी होने के बाद प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो की वर्कशॉप में बसों में सीट बेल्ट लगाने का काम तेज़ी से शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि सड़क पर उतरने वाली हर बस सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरी उतरनी चाहिए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित