चंडीगढ़ , जून 16 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी (एचपीपीसी) की बैठक में किसानों की भूमि में नाइट्रोजन की जांच के लिए 28 लाख रुपये की लागत से 52 आधुनिक स्टेटिकल कृषि लैब स्थापित करने को मंजूरी दी गयी। इन लैबों के माध्यम से हर वर्ष करीब 12 लाख किसानों की मिट्टी की जांच कर यूरिया के संतुलित उपयोग संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
बैठक में राजस्व, कृषि, कौशल विकास, जीएमडीए, पीएमडीए, एचएसवीपी, बिजली निगम, लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य, सिंचाई तथा एचएसआईआईडीसी समेत विभिन्न विभागों के 1468.25 करोड़ रुपये लागत के 32 विकास कार्यों को भी स्वीकृति दी गयी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए रोडमैप तैयार कर मंत्रियों और विधायकों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। मोरनी क्षेत्र में 4,000 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में लगभग नौ करोड़ रुपये की लागत से राजस्व कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम को भी मंजूरी दी गयी। इससे जमीन बंटवारे सहित राजस्व संबंधी मामलों का पारदर्शी और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित होगा।
इसके अलावा कौशल्या डैम के पक्के निर्माण कार्य, भालोठ सब ब्रांच के पुनर्निर्माण, हिसार एयरपोर्ट के लिए कच्चे पानी की आपूर्ति परियोजना, पंचकूला में ड्रेनेज निर्माण, सेक्टर-29 पिंजौर-कालका में 10 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी।
कमेटी ने कुरुक्षेत्र के सेक्टर-33 में 76.60 करोड़ रुपये की लागत से गुरु रविदास भवन एवं संग्रहालय निर्माण को भी स्वीकृति दी। यह परियोजना लगभग 24 माह में पूरी होने की संभावना है।
बैठक में गन्नौर अंतरराष्ट्रीय फल एवं सब्जी मंडी के लिए 132 केवी पावर हाउस, विभिन्न क्षेत्रों में 33 केवी सब-स्टेशन, कुंडली में सीईटीपी विस्तार, बावल आईएमटी में सीसी सड़क निर्माण तथा श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में आयुष अस्पताल निर्माण जैसी परियोजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की गयी।
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