चंडीगढ़ , जुलाई 08 -- हरियाणा सरकार ने लोक अवसंरचना को दिव्यांगजनों, बुजुर्गों और सभी नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
राज्य सरकार ने 'राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत वित्तपोषित सभी पात्र बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सार्वभौमिक सुलभता मानकों का पालन अनिवार्य कर दिया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि अब सभी पात्र परियोजनाओं में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 तथा भारत में सार्वभौमिक सुलभता के लिए सुसंगत दिशानिर्देश एवं मानक, 2021 का पालन किया जायेगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग और वास्तुकला विभाग को नयी इमारतों, मरम्मत और नवीनीकरण कार्यों सहित सभी परियोजनाओं के डिजाइन और निर्माण में सुलभता मानकों को शामिल करने के निर्देश दिये गये हैं।
उन्होंने बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधीन आने वाले मिनी सचिवालय, तहसील व उप-तहसील कार्यालय, सरकारी आवास और ट्रांजिट फ्लैट सहित सभी परियोजनाओं में इन मानकों को लागू किया जायेगा। योजना और डिजाइन के शुरुआती चरण में ही सुलभता सुविधाएं शामिल करने से बाद में महंगे संशोधनों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और कानूनी प्रावधानों का भी पालन सुनिश्चित होगा।
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