चंडीगढ़ , जुलाई 10 -- हरियाणा सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार विभाग (डीआईटेक) और नागरिक संसाधन सूचना विभाग (सीआरआईडी) ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सहयोग से चंडीगढ़ में "राज्य डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना" विषय पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया।

कार्यशाला की अध्यक्षता डीआईटेक के निदेशक समवर्तक सिंह खंगवाल ने की। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा को शासन और सेवा वितरण का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। सुरक्षित डिजिटल ढांचा, नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नई तकनीकों को अपनाने और क्षमता निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा , राष्ट्रीय सूचना केंद्र , हरियाणा पुलिस, बिजली विभाग तथा निजी क्षेत्र के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस दौरान उभरते साइबर खतरों, डेटा गवर्नेंस, साइबर अपराध रोकथाम, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, सुरक्षा मानकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सुरक्षित आईटी अवसंरचना जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

कार्यशाला में हरियाणा सरकार की प्रस्तावित 'हरियाणा डिजिटल कवच' पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसका उद्देश्य सरकारी विभागों के लिए 24गुणा7 साइबर निगरानी, खतरे की पहचान, त्वरित प्रतिक्रिया, नियमित सुरक्षा ऑडिट और अनिवार्य सुरक्षा मानकों को लागू करना है।

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