चंडीगढ़ , अक्टूबर 27 -- हरियाणा सरकार ने मधुमक्खी पालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए मधुमक्खी पालन को मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के दायरे में शामिल कर लिया है। इस फैसले से प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य अप्रत्याशित घटनाओं के कारण होने वाले नुकसान की भरपाई में मदद मिलेगी।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि योजना के तहत बाढ़ में मधुमक्खी के छत्तों और बक्सों के डूबने, आग लगने तथा परिवहन के दौरान दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान को बीमा सुरक्षा प्रदान की जाएगी। परिवहन संबंधी दुर्घटनाओं के मामले में बीमा लाभ तभी मिलेगा, जब घटना हरियाणा की सीमा के भीतर हुई हो और इसकी आधिकारिक प्राथमिकी या फिर डीडीआर दर्ज कराई गई हो। इसके अलावा मधुमक्खियों को प्रभावित करने वाली महामारियों से होने वाले नुकसान पर भी मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
मंत्री के अनुसार, प्रत्येक मधुमक्खी पालक अधिकतम 250 मधुमक्खी कॉलोनियों और 250 बक्सों तक का बीमा करवा सकेगा। इसके लिए भावांतर भरपाई योजना-शहद के तहत पंजीकरण अनिवार्य होगा। साथ ही प्रत्येक बॉक्स के लिए भावांतर भरपाई योजना की इकाई संख्या उपलब्ध करानी होगी।
योजना के तहत प्रति कॉलोनी और प्रति बॉक्स बीमा प्रीमियम 50 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके बदले प्रत्येक कॉलोनी और बॉक्स के लिए 1,250 रुपये का बीमा कवर मिलेगा। निर्धारित अधिकतम सीमा के अनुसार, कॉलोनियों के लिए 3,12,500 रुपये और बक्सों के लिए भी 3,12,500 रुपये तक का बीमा कवरेज उपलब्ध हो सकता है।
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