चंडीगढ़ , अक्टूबर 16 -- हरियाणा सरकार ने मत्स्य और झींगा पालकों को राहत देते हुए कृषि फीडरों से बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं को मात्र 10 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था लागू कर दी है। वहीं, गैर-कृषि फीडरों से जुड़े 40 किलोवाट तक के लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए एफपीओ और कृषि उद्योग श्रेणी के तहत बिजली की दर 6.60 रुपये से घटाकर 4.75 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है।
हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्हें उच्च गुणवत्ता का मत्स्य बीज उपलब्ध कराने के साथ मछली और झींगा की बिक्री के लिए अलग मंडियों की व्यवस्था भी की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि यमुनानगर, रोहतक और फरीदाबाद में करीब 6.04 करोड़ रुपये की लागत से मृदा एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इनके मार्च 2027 तक शुरू होने की संभावना है। वहीं, ज्योतिसर और सांपला स्थित सरकारी मत्स्य बीज फार्मों के सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण पर लगभग 20.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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