पंचकूला , अगस्त 14 -- हरियाणा वित्त विभाग ने राज्य सरकार के निगमों, कंपनियों, बोर्डों, सहकारी संस्थाओं और स्वायत्त निकायों में बैंकों में जमा धनराशि का हर तिमाही सत्यापन और लेखा पुस्तकों के साथ मिलान करने के निर्देश दिये हैं।

वित्त विभाग ने 13 अगस्त को जारी पत्र में संबंधित संस्थाओं के प्रबंध निदेशक, मुख्य प्रशासक और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को बैंकों में जमा धनराशि के सत्यापन एवं मिलान के संबंध में निर्धारित प्रोफार्मा भरकर प्रमाणित करने को कहा है। पूरा प्रोफार्मा प्रत्येक तिमाही वित्त विभाग द्वारा नामित संबंधित संस्था के निदेशक को प्रस्तुत करना होगा।

निर्धारित प्रमाणन के तहत संबंधित संस्थाओं को यह प्रमाणित करना होगा कि विभिन्न बैंक खातों में जमा धनराशि का संबंधित तिमाही की समाप्ति पर लेखा पुस्तकों के साथ विधिवत सत्यापन और मिलान किया गया है।

सभी बैंक खातों की समीक्षा और मिलान करना होगा। इनमें बचत, चालू, सावधि जमा और फ्लेक्सी खाते शामिल हैं। संस्थाओं को यह भी प्रमाणित करना होगा कि प्रमाणन की तारीख तक खातों में कोई विसंगति नहीं है।

इसके अलावा यह भी प्रमाणित करना होगा कि खाते वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार खोले, संचालित और अनुरक्षित किये जा रहे हैं।

प्रोफार्मा में निवेश और सावधि जमा पर बैंक द्वारा दिये गये ब्याज का भी सत्यापन करना होगा। संबंधित संस्था को प्रमाणित करना होगा कि निवेश के समय बैंक द्वारा प्रस्तावित ब्याज सही रूप से खाते में जमा किया गया है और उसका विधिवत सत्यापन किया गया है।

संस्थाओं को बैंक मिलान विवरण तैयार कर यह प्रमाणित करना होगा कि बैंक खातों में दर्शायी गयी शेष राशि संस्था की लेखा पुस्तकों, बैलेंस शीट और संबंधित बैंकों द्वारा दर्शायी गयी शेष राशि से मेल खाती है।

निर्धारित प्रपत्र में नवीनतम सांविधिक ऑडिट, एजी ऑडिट और आंतरिक ऑडिट का विवरण भी देना होगा तथा यह प्रमाणित करना होगा कि इन ऑडिट में कोई विसंगति या अनियमितता पायी गयी थी या नहीं। वित्त विभाग ने संबंधित संस्थाओं को त्रैमासिक प्रमाणन समय पर और नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं।

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