यमुनानगर , अक्टूबर 22 -- हरियाणा आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय परिषद सदस्य आदर्श पाल सिंह ने हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से प्रभावित बिजली व्यवस्था को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था का चरमराना सरकार की नाकामी और गलत नीतियों का परिणाम है।
श्री सिंह ने कहा कि सरकार निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए निजीकरण की नीति अपना रही है, जिसका खामियाजा आम जनता, उद्योगों और किसानों को भुगतना पड़ सकता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों से लेकर औद्योगिक गतिविधियों तक पर असर पड़ रहा है। सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर व्यवस्था सुचारू करने के लिए कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गुरुग्राम और नूह में बिजली वितरण के निजीकरण की दिशा में उठाए गए कदम चिंता काविषय हैं। आशंका है कि पूरी बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने का रास्ता खुल सकता है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं, उद्योगों और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि बिजली जैसी बुनियादी सुविधा को केवल मुनाफे के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। यदि वितरण व्यवस्था निजी कंपनियों के नियंत्रण में जाती है तो दरों, सेवा की गुणवत्ता और जवाबदेही को लेकर चिंताएं बढ़ेंगी। सरकार को निजी हितों के बजाय जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने पंजाब की आप सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य में निजी थर्मल प्लांट को सरकारी क्षेत्र में लाने का काम हो रहा है, जबकि हरियाणा में सरकारी संस्थानों के निजीकरण को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं। यही आप और भाजपा की नीतियों में अंतर है।
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