चंडीगढ़ , जून 22 -- राज्य मंत्रिपरिषद ने हरियाणा बागवानी नर्सरी अधिनियम, 2025 के तहत हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम, 2026 को मंजूरी दे दी है। नए नियम प्रदेश में बागवानी नर्सरियों के संचालन, निगरानी और गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक नियामक ढांचा प्रदान करेंगे।
नियमों के अनुसार नर्सरी लाइसेंस के आवेदन, मंजूरी, नवीनीकरण और नई श्रेणियां जोड़ने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। साथ ही न्यूनतम नर्सरी मानक, रिकॉर्ड संधारण और बेची जाने वाली पौध सामग्री का क्यूआर-कोड आधारित विवरण देना अनिवार्य होगा।
ये नियम फलदार पौधों, सब्जियों, कंद, मसालों, फूलों, सजावटी पौधों, औषधीय एवं सुगंधित फसलों सहित अन्य अधिसूचित बागवानी पौधों की नर्सरियों पर लागू होंगे। इसका उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता, रोग एवं कीटमुक्त पौध सामग्री उपलब्ध कराना है।
नए प्रावधानों के तहत यदि कोई नर्सरी संचालक खराब या निम्न गुणवत्ता के पौधे बेचता है, तो उसे किसान को खेती की लागत का दोगुना मुआवजा देना होगा। इससे किसानों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
नियमों में नर्सरियों के नियमित निरीक्षण, लाइसेंस निलंबन या रद्द करने की व्यवस्था भी की गई है। कीट एवं रोगों के प्रसार को रोकने के लिए संक्रमित या अवैध पौध सामग्री को नष्ट करने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए समयबद्ध अपील प्रणाली भी लागू की जाएगी।
सरकार का मानना है कि नए नियमों से गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री की उपलब्धता बढ़ेगी, नर्सरी संचालन में जवाबदेही आएगी और किसानों व खरीदारों के हितों की प्रभावी सुरक्षा हो सकेगी।
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