चंडीगढ़ , जून 17 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को झज्जर जिले के राय्या और मुनीमपुर में बागवानी क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि हरियाणा बागवानी विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।

उन्होंने आज राय्या में 13.27 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित बागवानी अनुसंधान केंद्र और मुनीमपुर में 8.50 करोड़ रुपये की लागत से बने बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राय्या अनुसंधान केंद्र किसानों, वैज्ञानिकों एवं आधुनिक तकनीकों के बीच सेतु का कार्य करेगा। यहां फलों, सब्जियों और फूलों की उन्नत तथा जलवायु-अनुकूल किस्मों पर अनुसंधान किया जाएगा, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और आधुनिक तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने झज्जर क्षेत्र के लिए 75 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं लोकार्पण भी किया। इनमें मिनी सचिवालय, स्कूल भवन, पेयजल योजनाएं तथा अन्य जनसुविधा परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने बादली क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, खेल और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी कई नई घोषणाएं भी कीं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2,738 करोड़ रुपये की सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे और किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा बेहतर बाजार उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने युवाओं से कृषि उद्यमिता अपनाने का आह्वान किया, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़ ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती के तौर-तरीकों में बदलाव पर जोर दिया। भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि भारत-इजरायल सहयोग से हरियाणा के बागवानी क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

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