चंडीगढ़ , सितंबर 27 -- हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि राज्य सरकार ने अनुसंधान, तकनीकी उन्नति और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'हरियाणा पेटेंट समर्थन, व्यावसायीकरण और नवाचार सुविधा नीति 2026-27' के दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं।
यह नीति सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों, तकनीकी संस्थानों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में लागू होगी।
श्री ढांडा ने कहा कि नीति के तहत छात्रों, शोधकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों को नवाचार के लिए पेटेंट पंजीकरण कराने पर 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता दी जाएगी। पंजीकरण शुल्क की अधिकतम 50 हजार रुपये तक की राशि सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें नए शोध और वैश्विक स्तर के पेटेंट विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। यह नीति छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने नए विचारों को पेटेंट के माध्यम से संरक्षित करने में मदद करेगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद योजना के विस्तृत दिशानिर्देश और कार्यान्वयन आदेश सभी संबंधित कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को भेज दिए गए हैं।
श्री ढांडा ने शिक्षण संस्थानों से अपने परिसरों में अनुसंधान और नवाचार केंद्रों को सक्रिय करने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा सकें और अपने बौद्धिक संपदा अधिकारों को सुरक्षित कर सकें। उन्होंने कहा कि युवाओं में नवाचार, अनुसंधान और नए विचारों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।
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