चंडीगढ़ , मार्च 09 -- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश सरकार भविष्य में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमैट्रिक या जियोफेसिंग प्रणाली लागू करने की योजना बना रही है। वह सोमवार को हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर दे रही थीं।

उन्होंने बताया कि फिरोजपुर झिरका विधानसभा क्षेत्र के गांव मांडीखेड़ा स्थित अल-अफिया सामान्य अस्पताल में डॉक्टरों के हॉस्टल अच्छी स्थिति में नहीं हैं। इसी कारण डॉक्टरों को फिलहाल गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी में रहने की अनुमति दी गई है। सरकार भविष्य में ऐसी व्यवस्था करने का प्रयास करेगी ताकि डॉक्टर अस्पताल के आसपास ही रह सकें।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मांडीखेड़ा अस्पताल में ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन विभाग, रक्त बैंक, एनसीडी क्लिनिक, एसएनसीयू, ऑपरेशन थिएटर, फिजियोथेरेपी, आईसीयू, आइसोलेशन वार्ड, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और प्रसव कक्ष सहित सभी प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ, उपकरण और आवश्यक दवाएं भी मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 800 मरीज ओपीडी में आते हैं, जबकि करीब 40 मरीज इनडोर में भर्ती रहते हैं। मरीजों को आवश्यक दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं। फिलहाल अस्पताल में 460 प्रकार की आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं, जबकि 5 फरवरी 2025 से यहां जन औषधि केंद्र भी संचालित है, जहां 208 प्रकार की जेनेरिक दवाएं मिलती हैं।

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