चंडीगढ़ , मई 15 -- हरियाणा सरकार ने राज्यभर में साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) के माध्यम से किसान रजिस्ट्री तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत किसानों को डिजिटल पंजीकरण और पीएम-किसान ई-केवाईसी की सुविधा गांव स्तर पर ही उपलब्ध होगी।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार की एग्रीस्टैक पहल और पीएम-किसान योजना के अंतर्गत किसान पंजीकरण का कार्य सीएससी केंद्रों के जरिए किया जाएगा। इससे योजनाओं, सब्सिडी और अन्य सेवाओं का लाभ पात्र किसानों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा।

सीएससी ने अपने पत्र में बताया कि वह देश के कई राज्यों में 28 लाख से अधिक किसानों का सफल पंजीकरण कर चुका है। इसी अनुभव के आधार पर हरियाणा में भी प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पीएम-किसान ई-केवाईसी के लिए प्रति किसान 15 रुपये का शुल्क सरकार स्वयं वहन करेगी। किसानों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा और सीएससी संचालकों को इसके लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस व्यवस्था से किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिकतर सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।

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