चंडीगढ़ , जून 25 -- हरियाणा सरकार ने मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) के संचालन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए इसके मॉड्यूल का प्रशासनिक नियंत्रण मानव संसाधन विभाग और वित्त विभाग के बीच विभाजित कर दिया है। इस फैसले से एचआरएमएस के संचालन को लेकर बनी अस्पष्टता समाप्त हो जाएगी और विभागीय जवाबदेही भी तय होगी।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार संशोधित व्यवस्था के तहत मानव संसाधन विभाग 19 मॉड्यूल का संचालन करेगा। इनमें सेवा पुस्तिका, वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर), तबादले, पदोन्नति, अवकाश, प्रशिक्षण, अनुशासनात्मक कार्रवाई, पेंशन और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति जैसे कर्मचारी जीवनचक्र से जुड़े विषय शामिल हैं।

वित्त विभाग (कोषागार एवं लेखा) को पांच महत्वपूर्ण वित्तीय मॉड्यूल सौंपे गये हैं। इनमें एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (एसीपी), वेतन निर्धारण, ऋण एवं अग्रिम, वेतन सृजन और टाइम-स्केल मॉड्यूल शामिल हैं। इससे वेतन और वित्तीय मामलों से संबंधित सभी प्रक्रियाएं एक ही विभाग के अधीन संचालित होंगी।

सरकार ने निर्देश दिया है कि एक जून 2026 से किसी भी एचआरएमएस मॉड्यूल के निर्माण, संशोधन, उन्नयन या नीतिगत बदलाव से जुड़े प्रस्ताव केवल संबंधित मॉड्यूल के स्वामी विभाग के माध्यम से ही भेजे जाएंगे।

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